चन्द्रहास निषाद (पत्रकार)गरियाबंद। भारतीय किसान संघ, जिला गरियाबंद एवं कृषि विज्ञान केंद्र, गरियाबंद के संयुक्त तत्वावधान में कृषि देवता भगवान बलराम जयंती को किसान दिवस के रूप में भव्य रूप से मनाया गया। यह आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, गरियाबंद में सम्पन्न हुआ, जहां किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती के महत्व पर विशेष जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अध्यक्ष माधव सिंह ठाकुर, जिला मंत्री राजेंद्र सिंह राजपूत, पालक किसान नेता अभिमन्यु ध्रुव, और डॉ. मनीष चौरसिया द्वारा भगवान बलराम एवं छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना व दीप प्रज्वलन कर किया गया।

मुख्य बातें:
🔸 माधव सिंह ठाकुर एवं अभिमन्यु ध्रुव ने भारतीय किसान संघ की रीति-नीति और किसानों की आय दोगुनी करने के उपायों पर चर्चा की।
🔸 डॉ. मनीष चौरसिया, प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र ने मिश्रित खेती, दलहन-तिलहन उत्पादन और प्राकृतिक खेती की तकनीकों को किसानों के सामने विस्तार से प्रस्तुत किया।
🔸 डॉ. आर्या ने दलहन-तिलहन की खेती को लाभकारी बताते हुए वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने पर जोर दिया।
🔸 जिला मंत्री राजेंद्र सिंह राजपूत ने प्राकृतिक खेती को किसानों के लिए वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से मिट्टी, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिसे रोकना जरूरी है।
तकनीकी जानकारी और अनुभव साझा:
डॉ. तुषार मिश्रा (कृषि विभाग) ने जैविक खाद, कीटनाशक छिड़काव, और प्राकृतिक दवाई निर्माण की विधियों की जानकारी दी।
किसान भागवत ध्रुव (टोईयामुड़ा) ने प्राकृतिक खेती में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह खेती किस तरह लाभदायक है।
गंगाराम सिन्हा, जिला कोषाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ ने अपने खेतों में की गई मिश्रित खेती का अनुभव साझा किया – जिसमें धान के साथ मूंगफली, हल्दी, मिर्ची जैसी फसलें शामिल रहीं।
विशेष उपस्थिति:
कार्यक्रम में ललित निषाद (कार्यालय मंत्री), दौलतराम कश्यप, फूलकुमार दीवान, गंगूराम साहू, कन्हैयालाल ध्रुव, प्रताप ध्रुव, पुरुषोत्तम ध्रुव, सुनील नागेश समेत कई किसान भाई विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. तुषार मिश्रा द्वारा किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक, जैविक एवं मिश्रित खेती की दिशा में प्रोत्साहित करना और आधुनिक तकनीक के साथ कृषि को लाभकारी बनाना रहा।


