
चन्द्रहास निषाद,गरियाबंद। जिले में वन्यजीवों की आमद लगातार बनी हुई है। बीते सप्ताह जिले में आतंक मचाने वाला दतेल हाथी अब महासमुंद जिले की ओर चला गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लेकिन राहत ज्यादा दिन टिक नहीं पाई, क्योंकि अब जिले में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

ग्रामीणों में दहशत
बाघ के देखे जाने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और जंगल की पगडंडियों से गुजरने में अब डर लग रहा है। कई किसानों ने बताया कि सुबह-शाम खेत जाने से पहले समूह में निकलना पड़ रहा है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब बाघ की मौजूदगी की खबर मिली हो, लेकिन इस बार डर ज्यादा है क्योंकि हाल ही में हाथियों ने काफी नुकसान पहुंचाया था।
वन विभाग की कार्ययोजना
वन विभाग ने बताया कि बाघ की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों, पगमार्क और गश्ती दलों के जरिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों को हिदायत दी है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और किसी भी तरह की वन्यजीव गतिविधि दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।
वन मंडल अधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके। इसके अलावा गश्ती दलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।


