
चन्द्रहास निषाद,रायपुर। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर (पंजीयन क्रमांक 6685) एवं छत्तीसगढ़ धान खरीदी संविदा ऑपरेटर महासंघ रायपुर की संयुक्त प्रदेश कार्यकारिणी बैठक 12 अक्टूबर को रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में दोनों संगठनों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान हेतु संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा तय की है।
बैठक में चर्चा के दौरान महासंघ ने बताया कि कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें प्रमुख रूप से —
👉 धान खरीदी नीति वर्ष 2024-25 की कंडिका 11.3.3 में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति पर रोक लगाते हुए विभाग द्वारा नियमित भर्ती की मांग,
👉 सहकारिता विभाग की दो प्रमुख मांगें,
👉 खाद्य विभाग से संबंधित दो मांगें,
को लेकर संयुक्त संघर्ष की रूपरेखा तैयार की गई है।
सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के अनुसार, आंदोलन का कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है —
📅 24 अक्टूबर 2025:
जिला स्तरीय ज्ञापन रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न मंत्रियों को संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टरों के माध्यम से सौंपा जाएगा। इस अवसर पर प्रेस एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी।
📅 28 अक्टूबर 2025:
एक दिवसीय महाज्ञापन रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों से कर्मचारी रायपुर पहुंचकर शासन को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।
📅 3 नवंबर से 11 नवंबर 2025:
संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
📅 12 नवंबर 2025 से:
राजधानी नया रायपुर के धरना स्थल तुता में प्रदेश स्तरीय धरना आंदोलन शुरू होगा।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि यदि शासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
बैठक में उपस्थित रहे —
नरेंद्र कुमार साहू, प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर
ऋषिकांत मोहरे, प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ धान खरीदी संविदा कर्मचारी कंप्यूटर ऑपरेटर महासंघ रायपुर
दोनों महासंघों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य कर्मचारियों के न्यायसंगत अधिकारों और सेवा स्थायित्व को सुनिश्चित करना है।


