
न्यूज बॉक्स 24/गरियाबंद। किडनी रोग प्रभावित क्षेत्र के रूप में देशभर में चर्चित गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गांव के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुपेबेड़ा क्षेत्र में जल संकट और भू-जल स्तर की समस्या को देखते हुए तेल नदी पर लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम एनीकेट निर्माण को मंजूरी प्रदान की है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा भू-जल स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। लंबे समय से पेयजल की समस्या और किडनी रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे सुपेबेड़ा और आसपास के गांवों के लोगों को इस परियोजना से राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टॉप डैम एनीकेट बनने से वर्षा जल का बेहतर संचयन होगा, जिससे भू-जल रिचार्ज में वृद्धि होगी और गर्मी के मौसम में जल उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। इससे किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने के साथ-साथ ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। ग्रामीणों ने इसे सुपेबेड़ा क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में जल संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था की मांग की जा रही थी। अब परियोजना को मंजूरी मिलने से लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में जल संकट कम होगा और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्य बिंदु
तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा स्टॉप डैम एनीकेट।
जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर बढ़ाने में मिलेगी मदद।
सुपेबेड़ा क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।
किसानों को सिंचाई सुविधा का भी मिलेगा लाभ।
मुख्यमंत्री के निर्णय का ग्रामीणों ने किया स्वागत।


