
न्यूज बॉक्स 24/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे को लेकर भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि भगवान राम देश की आस्था, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रतीक हैं, लेकिन भाजपा ने राम के नाम का राजनीतिक लाभ उठाने के साथ-साथ चंदे में भी अनियमितता की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि देशभर के करोड़ों लोगों ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि मंदिर निर्माण के दौरान एकत्रित चंदे के उपयोग को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं और इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि खरीद और अन्य कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आए थे। कांग्रेस ने दावा किया कि चंदे के उपयोग और ट्रस्ट के संचालन को लेकर जनता के बीच जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा और आरएसएस से सवाल पूछते हुए कहा कि यदि चंदा जनता की आस्था का प्रतीक था, तो उसके उपयोग की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कांग्रेस ने उठाए तीन प्रमुख सवाल:
यदि जन ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, तो चंदे की जवाबदेही किसकी है?
यदि सब कुछ ठीक था, तो चंपत राय और अन्य ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ उठे सवालों का जवाब क्यों नहीं दिया गया?
यदि कुछ गलत नहीं हुआ, तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है?
कांग्रेस ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम पर किसी भी प्रकार की राजनीति अथवा आर्थिक अनियमितता स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।


