
चन्द्रहास निषाद/न्यूज़ बॉक्स 24/गरियाबंद । महिला आरक्षण के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। गरियाबंद के कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने आरोप लगाया है कि बीजेपी जनता के बीच भ्रम फैलाकर यह प्रचारित कर रही है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, इसलिए बिल पास नहीं हो सका।
कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कांग्रेस पहले भी महिला आरक्षण के समर्थन में थी और आज भी पूरी मजबूती से इसके पक्ष में खड़ी है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून भी बन चुका है।
कांग्रेस ने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत 131वां संविधान संशोधन विधेयक महिला आरक्षण से जुड़ा नहीं था। पार्टी के अनुसार, यह विधेयक परिसीमन और सीटों के पुनर्गठन से संबंधित था, जिसे महिला आरक्षण के नाम पर पेश कर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
कांग्रेस के मुताबिक, इस विधेयक में लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने, राज्यों में 815 सीटें तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें निर्धारित करने का प्रस्ताव था। साथ ही परिसीमन के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाने और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में संशोधन की बात कही गई थी।
कांग्रेस ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार को पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।


