
चन्द्रहास निषाद,गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन्यजीवों की आबादी बढ़ने के साथ ही इंसानी बस्तियों में उनके दिखने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसी क्रम में, जिला मुख्यालय से मात्र चार किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मालगांव में सोमवार दोपहर एक तेंदुआ देखे जाने से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है।
क्या हुआ था?
सोमवार को दोपहर करीब 3:30 बजे, कुछ ग्रामीण और राहगीर मालगांव में मां दुर्गा मंदिर के पास पहाड़ी से गुजर रहे थे। तभी उनकी नजर पहाड़ी की चोटी पर बैठे एक तेंदुए पर पड़ी। तेंदुआ बिल्कुल शांत भाव से बैठा था और नीचे की गतिविधियों को देख रहा था। जैसे ही इस खबर की भनक लगी, देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
आधे घंटे तक बैठा रहा तेंदुआ
ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ और हलचल के बावजूद तेंदुआ करीब आधे घंटे तक उसी जगह पर बैठा रहा। वह बिना किसी डर के आसपास के माहौल का जायजा लेता रहा, जिससे ग्रामीणों में डर और कौतूहल दोनों का माहौल था। आधे घंटे बाद, तेंदुआ अचानक उठा और पास के घने जंगल की ओर चला गया।
ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग की कार्रवाई
तेंदुए के दिखने की खबर पूरे मालगांव और आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई है। लोग डरे हुए हैं और खासकर शाम और रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और बेवजह जंगल की ओर न जाने की अपील की है। साथ ही, विभाग की टीम तेंदुए की तलाश और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में गश्त कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पानी और शिकार की तलाश में अक्सर वन्यजीव आबादी वाले इलाकों के करीब आ जाते हैं। वन विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय से ऐसे मामलों में खतरे को कम किया जा सकता है। फिलहाल, मालगांव और आसपास के लोग पूरी तरह से अलर्ट पर हैं।


