
चन्द्रहास निषाद,गरियाबंद। सेवा-पर्व के अवसर पर उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व में विश्व बांस दिवस एवं बांस हस्तकला प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आईएएस नीरा सरमा (बैंबू लेडी ऑफ इंडिया) द्वारा ग्राम कोचवा, इन्तलनगांव के ग्रामीणों के साथ 1200 बांस पौधों का रोपण किया गया।

मुख्य गतिविधियाँ
5 हेक्टेयर क्षेत्र में 1200 बांस पौधों का रोपण
मेनपुर फॉरेस्ट कॉम्प्लेक्स के ट्रेनिंग हॉल में हस्तशिल्प कार्यशाला
आगामी दिनों में ग्राम ककटवा व कुल्हाड़ीडीह में प्रशिक्षण कार्यशाला
सेवा-पर्व पदयात्रा (17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक) की शुरुआत
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण व विशेष रूप से PVTG समुदाय को रोजगार एवं आय बढ़ाने हेतु बांस से उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण देना है। प्रशिक्षण में बांस से निर्मित जेवर, हस्तशिल्प और दैनिक उपयोगी सामग्री बनाने की तकनीक बताई गई।
इस अवसर पर आईएएस नीरा सरमा, जिन्हें “बैंबू लेडी ऑफ इंडिया” के नाम से भी जाना जाता है, ने ग्रामीणों को बांस की महत्ता और इससे बने आभूषणों व वस्त्रों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पारंपरिक शिल्पकार टोकनी व सुपा बनाने तक ही सीमित हैं, जबकि बांस से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर ग्रामीण अधिक मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
स्थानीय सहभागिता
ग्राम कुल्हाड़ीडीह, बेसरासर, ककटवा एवं हिन्डलांवा के कुम्हार समुदाय के शिल्पकारों ने बांस कार्य में अपनी भागीदारी दी। कार्यक्रम में 150 से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि नगीना सोरी (कुल्हाड़ीडीह), फूलचंद नेताम (ककटवा), अर्जुन नायक (नागोई), दीपक मंडावी (कोचवा), यशवंत मरकाम (इन्तलनगांव) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
प्रशासनिक अमले से संतावीर समाजदार (वन संरक्षक), एस. उमेश (कलेक्टर गरियाबंद), वरुण जैन (उप निदेशक), प्रभात त्रिपाठी (एसीएफ उदंती), गोपाल खर्षम (एसीएफ तोरेंगा), ज. सिंह (एसीएफ सीतानदी), राजपूत (एसीएफ सीतानदी) एवं टाइगर रिज़र्व के वन अमला उपस्थित रहा।
यह आयोजन ग्रामीणों के जीवन स्तर सुधारने और बांस को रोजगार के सशक्त साधन के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


