
चन्द्रहास निषाद @गरियाबंद। किसानों ने कलेक्टर गरियाबंद को ज्ञापन सौंपकर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोदोबतर क्रमांक 92 में धान उपार्जन केन्द्र खोले जाने की मांग की है। किसानों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे अपनी धान उपज को बेचने के लिए सोहागपुर समिति तक पहुंचने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि सोहागपुर समिति की दूरी अधिक होने के कारण धान परिवहन में समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। कई बार धान विक्रय में देरी होने से उपज की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। किसानों ने प्रशासन से निवेदन किया है कि इस वर्ष से ही कोदोबतर समिति में नया धान उपार्जन केन्द्र खोला जाए, जिससे स्थानीय किसानों को राहत मिले।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस क्षेत्र के लगभग 14 ग्रामों के करीब 950 किसान प्रतिवर्ष करीब 95,000 क्विंटल से अधिक धान का उत्पादन करते हैं। इतने बड़े उत्पादन के बावजूद कोदोबतर में उपार्जन केन्द्र न होने से किसानों को सोहागपुर तक जाना पड़ता है, जो दूरी और परिवहन खर्च के कारण अत्यंत कठिन हो जाता है।
किसानों ने यह भी बताया कि बार-बार इस विषय पर मांग उठाई गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर धान उपार्जन केन्द्र कोदोबतर समिति क्रमांक 92 में खोला जाए, जिससे आने वाले सीजन में किसानों को परेशानी न हो।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी भेजी गई है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, सरपंच, सहकारी समिति सदस्यों और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


